डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी

डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी
हिंदी फिल्म जगत के युवा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या करने की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। 34 वर्षीय के अभिनेता ने कथित तौर पर अपने बांद्रा स्थित आवास पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. सुशांत सिंह ने आत्महत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि वो पिछले 6 महीनों से अवसाद यानी (Depression) से पीड़ित थे।
जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जब व्यक्ति जरूरत से अधिक उदासी का अनुभव करने लगता है। जीवन से हताश हो जाता है और नकारात्मकता की ओर बढ़ने लगता है। वह खुद को और अपनी सोच को सीमित कर लेता है और बाहरी दुनिया से भी धीरे-धीरे नाता तोड़ने लगता है। उसे किसी बात में दिलचस्पी नहीं रहती है। स्वभाव में आने वाले ऐसे बदलाव डिप्रेशन की ओर इशारा करते हैं। चलिए जानते हैं कि डिप्रेशन क्या है, इसके कारण, लक्षण और किस तरह इसका उपचार किया जा सकता है।

डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO)की इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 322 मिलियन लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं और इसमें से आधे लोग दक्षिण पूर्वी एशिया के हिस्सों से ही आते हैं। और यहां भी भारत और चीन दो ऐसे देश हैं जहां डिप्रेशन से पीड़ित रोगियों की जनसंख्या सबसे अधिक है और धीरे-धीरे बढ़ती चली जा रही है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य द्वारा 2015-16 में किए गए एक सर्वे के अनुसार देश में 15 करोड़ से भी अधिक लोग मानसिक रोगों से जूझ रहे हैं। और इसमें केवल डिप्रेशन के आंकड़े ही आसमान की छू रहे हैं।
डिप्रेशन क्या है (What is Depression)
डिप्रेशन या अवसाद, यह एक प्रकार का मानसिक स्वास्थ्य विकार है। इसकी जड़ें तनाव और अत्यधिक सोचना हो सकती हैं। जीवन में चल रही कठिनायों के कारण तनाव ग्रस्त होना, चिंता में रहना, बेहद उदास होना, किसी भी व्यक्ति या चीज से लगाव ना रखना, सबसे दूर रहना, ये सभी कारण धीरे-धीरे व्यक्ति में डिप्रेशन को पैदा करते हैं।

डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी
डिप्रेशन के कारण (Causes of Depression)
1) मानसिक आघात
किसी लक्ष्य में असफलता मिलना, किसी बड़े नुकसान, किसी प्रियजन की मृत्यु या किसी बहुत करीबी से बिछड़ जाने का दुःख जब दिमाग पर हावी होने लगता है तो यह व्यक्ति को डिप्रेशन की ओर ले जाता है।
किसी लक्ष्य में असफलता मिलना, किसी बड़े नुकसान, किसी प्रियजन की मृत्यु या किसी बहुत करीबी से बिछड़ जाने का दुःख जब दिमाग पर हावी होने लगता है तो यह व्यक्ति को डिप्रेशन की ओर ले जाता है।
2) शारीरिक रोग
लंबे समय से यदि रोग पीछा ना छोड़े तो ऐसा मरीज जीवन से अपनी चाहता को छोड़ देता है और डिप्रेशन में चला जाता है।
लंबे समय से यदि रोग पीछा ना छोड़े तो ऐसा मरीज जीवन से अपनी चाहता को छोड़ देता है और डिप्रेशन में चला जाता है।
3) कमजोर व्यक्तित्व
कुछ लोग भावनात्मक रूप से काफी कमजोर होते हैं। इन लोगों के जीवन में जैसे ही कोई बदलाव आता है ये लोग मानसिक रूप से उसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं।
कुछ लोग भावनात्मक रूप से काफी कमजोर होते हैं। इन लोगों के जीवन में जैसे ही कोई बदलाव आता है ये लोग मानसिक रूप से उसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं।
4) जेनेटिक
विभिन्न शोध के अनुसार डिप्रेशन आनुवांशिक भी हो सकता है। यदि माता-पिता डिप्रेशन सी पीड़ित हैं तो यह परेशानी उनके बच्चे में भी आ सकती है।
विभिन्न शोध के अनुसार डिप्रेशन आनुवांशिक भी हो सकता है। यदि माता-पिता डिप्रेशन सी पीड़ित हैं तो यह परेशानी उनके बच्चे में भी आ सकती है।

डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी
डिप्रेशन के लक्षण और संकेत (Signs and symptoms of Depression)
- दो सप्ताह से अधिक उदासी
- स्वभाव में चिड़-चिड़ापन आना
- स्वास्थ्य में गिरावट
- वजन में गिरावट
- किसी भी चीज में अरुचि
- अकेलापन अच्छा लगना
- स्वयं को कोसना
- असफलता भरे विचार पसंद आना
- नींद में विघ्न आना या नींद ही ना आना
- सिर, पेट, पैर, जोड़ों में दर्द रहना
- मुंह का सूखना
- कब्ज रहना
- मासिक धर्म में अनियमितता
- सांस लेने में दिक्कत
- स्वभाव में चिड़-चिड़ापन आना
- स्वास्थ्य में गिरावट
- वजन में गिरावट
- किसी भी चीज में अरुचि
- अकेलापन अच्छा लगना
- स्वयं को कोसना
- असफलता भरे विचार पसंद आना
- नींद में विघ्न आना या नींद ही ना आना
- सिर, पेट, पैर, जोड़ों में दर्द रहना
- मुंह का सूखना
- कब्ज रहना
- मासिक धर्म में अनियमितता
- सांस लेने में दिक्कत

डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी
डिप्रेशन के 6 ऐसे लक्षण जिन्हें आप खुश रहते हुए भी जीवन भर नहीं समझ पाते
1) जल्दी गुस्सा हो जाना
अगर आप किसी छोटी सी बात पर भी गुस्सा हो जाते हैं, तो समझ लीजिए कि आप अवसाद की चपेट में हैं। एक अध्ययन के अनुसार, अवसाद को गुस्से, तार्किक, चिड़चिड़ापन आदि से जोड़कर देखा जाता है।
2) शराब का अधिक सेवन
जर्नल एडिक्शन के एक अध्ययन के अनुसार, अगर आप रोजाना कई गिलास शराब पीते हैं, तो इसका मतलब आप अवसाद से पीड़ित हैं। बेशक एक गिलास शराब पीने से आपको आराम मिले लेकिन तीसरा गिलास आपकी नाकारात्मक भावना बढ़ा सकता है।
3) सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताना
जर्नल साइबरसाइकोलोजी बिहेवियर एंड सोशल नेटवर्किंग के अनुसार, जो लोग असल लोगों को छोड़कर अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़े रहते हैं, इसके पीछे अवसाद हो सकता है।
4) सपनों में खोए रहना
एक अध्ययन के अनुसार, जब आपका दिमाग वर्तमान की चीजों में लगा होता है, तो आपको खुशी मिलती है। लेकिन जब आपका दिमाग भटक जाता है यानि आप जागते हुए कुछ अलग चीजों के बारे में सोचने लगते हैं, तो उससे आपको चिंता और उदासी हो सकती है।
5) फैसला ना ले पाना
अगर आपको फैसला लेने में मुश्किल होती है, तो आप डिप्रेशन से पीड़ित हो सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, जब आप अवसाद में होते हैं, तो सोचने-समझने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।
6) अपनी ही देखभाल नहीं करना
क्या आपने अपने बाल सवारना और रोजाना ब्रश ना करना छोड़ दिया है? अपनी देखभाल सही तरीके से नहीं करना अवसाद का लक्षण हो सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि ओरल हेल्थ से परेशान अधिकतर लोग अवसाद से पीड़ित थे।
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